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मुंबई हमले की जांच.नेताओं के बयाँ

Posted On: 21 Jul, 2011 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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मुंबई बम धमाको के बाद जैसी बयानबाजी कांग्रेस के महान? नेताओं ने kari उसके पीछे उनका कोई उदेश्ये था .क्या? मुजहे बम धमाको के आज आठ दिन गुजरने के बाद लगता है की वो अपने उस उदाशय में सफल भी रहे है .जिस तरह हमारी जांच एजेंसियां भर्मित हो रही है ,आपसी बयानबाजी में ही उलझ गयी hain ये दर्शाता है की जांच करने वाले लोग दबाव में है,क्योंकि जब देश के रहनुमा [राहुलबाबा ,दिग्गीराजा. गृहमंत्री ] आदि अपने बयानों में कभी कहते हैं की हमले रोक्ने संभाव नहीं,आर एस एस का हाथ हो sakta है,निगरानी में koi चूक नहीं है तो कैसे हमारी जांच अजेंसियं किसी आतंकवादी के पीछे लगेंगी क्यों की उन्हें ये डर्र hamesha बना रहेगा की कहीं उन लोगों को ही कटघरे में न खड़ा होना पड़ जाय | पहले bhi ये महानुभाव netaa इंस्पेक्टर मोहन chand sharma जी की शाहदत का मजाक उड़ा चुके हैं ,अफजल गुरु की फांसी रोकने के लिए किस हद तक अपने प्रयासों में सफल हो गए हैं,कसाब को पांच sitara suvidha दे ही रहे हैं,
ऐसे में कैसे इमानदारी से जाच कोई करेगा देश को तो इन लोगों का अहसानमंद होना चाइये की अभी तक इन्होंने अन्ना या बाबारामदेव को नहीं लपेटा | अगर ये सरकारी तंत्र ऐसे ही ख्यालों में जीता रहा तो मेरे देश की रक्षा का भार बस भगवान को स्वयम लेना पड़ेगा | १३ साल राजनीती में बिताने के बाद भी केवल विरोधी पार्टिओं के सरकार वाले राज्यों में यात्रा करना ही आया है,देश के सामने इंतनी समस्याएं है उन पर कोई अपने विचार तक नहीं है. जनता को धर्म के आधार पर दोफाड़ mat करो जब आतंवादी हमलो के समय भी ये धार्मिक विद्व्वेश फ़ैलाने की koshish होती है तो देश में समरसता की कैसे उम्मीद होगी

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Santosh Kumar के द्वारा
July 21, 2011

प्रिय सुभाष जी ,..सादर नमस्कार ,….कांग्रेस और सरकार किसी बड़े दबाव में लगती है ,.. आम कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को भी देशहित में आवाज उठानी चाहिए ,

nishamittal के द्वारा
July 21, 2011

बार बार बयानों का बदला जाना ,विपक्षी दलों पर आरोप लगाना ,यह भ्रम दवाब में होना ही इंगित करता है.


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